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20 Oct 2026, Tue

नमाज़ियों पर रोक का आदेश रद्द, हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी—DM-SP सक्षम नहीं तो इस्तीफा दें

By Aijaz Alam Khan (Editor)

उत्तर प्रदेश के संभल जनपद में मस्जिदों में नमाज़ अदा करने वाले लोगों की संख्या सीमित करने संबंधी प्रशासनिक आदेश को माननीय Allahabad High Court ने निरस्त कर दिया है। अदालत ने इस मामले में कड़ी टिप्पणी करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि जिला प्रशासन और पुलिस इस जिम्मेदारी को निभाने में सक्षम नहीं हैं, तो ऐसे अधिकारियों को अपने पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।


सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट कहा कि अगर जिले के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) कानून-व्यवस्था संभालने में असमर्थ हैं, तो उन्हें या तो इस्तीफा दे देना चाहिए या फिर अपना तबादला करा लेना चाहिए। अदालत की यह टिप्पणी प्रशासनिक जवाबदेही पर एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।
गौरतलब है कि संभल प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए मस्जिदों में नमाज़ियों की संख्या सीमित करने का आदेश जारी किया था, जिसे चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दायर की गई थी। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने प्रशासनिक आदेश को निरस्त करते हुए धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों की अहमियत को रेखांकित किया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का यह फैसला न केवल प्रशासनिक निर्णयों की न्यायिक समीक्षा का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा न्यायपालिका की प्राथमिकता है।

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