बस्ती। थाना परसरामपुर पुलिस ने एक हृदय विदारक घटना में अद्भुत तत्परता और संवेदनशीलता दिखाते हुए तीन नाबालिग बच्चों की जान बचा ली। पुलिस ने अपने ही बच्चों को प्रताड़ित कर उन्हें मिट्टी में दफनाने का प्रयास कर रहे एक पिता को तत्काल कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। यह मामला न सिर्फ बच्चे के संरक्षण से जुड़े कानूनों की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि समय रहते की गई पुलिस कार्रवाई कैसे किसी बड़ी त्रासदी को टाल सकती है।
घटना पर क्षेत्राधिकारी हरैया स्वर्णिमा सिंह के निकट पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह व उनकी टीम ने बिना समय गंवाए कार्यवाही करते हुए तीनों बच्चों को सकुशल बरामद किया और आरोपी पिता मोहम्मद इरफान को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई इलाके में चर्चा का विषय बन गई है।
घटना का पूरा विवरण
मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी मोहम्मद इरफान हाशमी (उम्र लगभग 32 वर्ष) निवासी ग्राम नंदनगर, थाना परसरामपुर, जनपद बस्ती, काफी समय से घरेलू हिंसा में लिप्त था। उसकी शादी रुधौली थाना क्षेत्र में हुई थी और वह अपनी पत्नी के साथ आए दिन मारपीट करता था। एक सप्ताह पूर्व भी उसने अपनी पत्नी के साथ गंभीर रूप से मारपीट की, जिसके बाद पत्नी अपने एक बच्चे के साथ मायके चली गई।

पत्नी के मायके चले जाने के बाद घर पर रह रहे तीन नाबालिग बच्चे आरोपी के अत्याचार का शिकार होने लगे। बताया जा रहा है कि दिनांक 10 दिसंबर 2025 को आरोपी इरफान ने अपने तीनों बच्चों को बेरहमी से पीटा। इसके बाद उसने अमानवीय कदम उठाते हुए अपने ही घर में एक गड्ढा खोदकर बच्चों को जिंदा दफनाने का प्रयास शुरू कर दिया।
इसी बीच किसी स्थानीय व्यक्ति द्वारा थाना परसरामपुर पुलिस को इस घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ तेजी से मौके पर पहुंचे। समय रहते की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने तीनों बच्चों को दफन होने से पहले ही निकालकर सुरक्षित अपनी हिरासत में लिया। इसके बाद आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर थाने लाया गया।
मामले में की गई कानूनी कार्यवाही
घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ मु0अ0सं0 361/2025 के तहत धारा 109(1) BNS तथा धारा 75 किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस ने आरोपी को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में माननीय न्यायालय, बस्ती भेज दिया।
किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के अनुसार किसी भी बच्चे पर अत्याचार या शारीरिक/मानसिक प्रताड़ना करना एक गंभीर अपराध है, जिसमें दोषी पाए जाने पर कठोर सजा का प्रावधान है। पुलिस की उचित कार्रवाई के कारण अब आरोपी कानून के दायरे में है और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो चुकी है।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
नाम: मोहम्मद इरफान हाशमी
पिता का नाम: शुबराती
उम्र: लगभग 32 वर्ष
निवास: ग्राम नंदनगर, थाना परसरामपुर, जनपद बस्ती
पुलिस टीम जिसने की सफल गिरफ्तारी व बरामदगी
थानाध्यक्ष परसरामपुर – भानु प्रताप सिंह
वरिष्ठ उप निरीक्षक – अजय कुमार गौड़
कांस्टेबल – लवकुश सिंह
इन अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त त्वरित कार्रवाई के कारण तीन मासूम बच्चों की जिंदगी बच सकी, जिन्हें अगर समय पर सहायता नहीं मिलती तो परिणाम बेहद दुखद हो सकते थे।
स्थानीय लोगों ने की पुलिस की सराहना
इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। बच्चों के जीवन के साथ इस तरह की क्रूरता ने लोगों को हैरान कर दिया, लेकिन साथ ही पुलिस की सतर्कता और संवेदनशीलता को लेकर स्थानीय नागरिकों ने प्रशंसा भी की। क्षेत्र में यह संदेश तेजी से फैल रहा है कि परसरामपुर पुलिस द्वारा दिखाई गई फुर्ती और संवेदनशीलता एक बड़ी त्रासदी को टालने में निर्णायक रही।
परमानन्द मिश्रा की रिपोर्ट
AKP News 786
