बस्ती | 26 व 27 रजब के मुबारक मौक़े पर दो दिवसीय उर्स-ए-पाक दिनांक 16 व 17 जनवरी को भुअर शहीद कोर्ट, मिश्रौलिया (बस्ती) स्थित अस्ताना सरकार जमालुद्दीन शाह रहमतुल्लाह अलैह का उर्स-ए-पाक बड़े ही अकीदत, अदब और धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ।
उर्स के दौरान गंगा-जमुनी तहज़ीब की शानदार मिसाल देखने को मिली, जहाँ हिन्दू-मुस्लिम जायरीनों ने बढ़-चढ़कर शिरकत कर आपसी भाईचारे और मोहब्बत का पैग़ाम दिया। मज़ार पर चादरपोशी, फातिहा-ख़्वानी और दुआओं का सिलसिला लगातार जारी रहा।
महफ़िल में नात-ए-पाक, असरदार तक़रीरें और दिलों को छू लेने वाली क़व्वालियों ने माहौल को पूरी तरह रूहानी बना दिया। सूफ़ियाना कलाम और ज़िक्र-ए-इलाही से हर दिल सराबोर नज़र आया।

आयोजकों की ओर से जायरीनों के लिए बेहतरीन इंतज़ामात किए गए। उर्स-ए-पाक के समापन पर देश-प्रदेश की खुशहाली, अमन-ओ-अमान और इंसानियत की सलामती के लिए ख़ास दुआ की गई।
यह उर्स न सिर्फ़ एक धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि आपसी सौहार्द, भाईचारे और सूफ़ी परंपरा की जीवंत मिसाल बनकर सामने आया।
इस मौके पर दरगाह के खादिम ग्यासुद्दीन साहब, शहाबुद्दीन, क़ुतुबुद्दीन, कल्लू, शल्लू, मोहम्मद अकरम, शहंशाह आलम, गोविन्द, राजू, तुफैल बाबा, गुड्डा, बादशाह खान, मुन्ना खान, ओमू प्रकाश, मकबूल आलम, शिवमू पाण्डे, सोनू खान, सगीर अन्सारी, निजामुद्दीन अन्सारी, अब्दुल हकीम हाफिज जी आदि ने बढ़चढ़ कर कर हिस्सा दिया।
ब्यूरो रिपोर्ट
AKP News 786
