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2 Sep 2026, Wed

बस्ती में अमन, अनुशासन और गंगा-जमुनी तहज़ीब के साथ सकुशल सम्पन्न हुआ मुहर्रम

By Editor Aijaz Alam Khan

बस्ती। जनपद में मुहर्रम का पर्व इस वर्ष भी पूरी श्रद्धा, परंपरा और अनुशासन के साथ सकुशल सम्पन्न हो गया। गाँधीनगर एवं पुरानी बस्ती मुहर्रम कमेटी के कुशल नेतृत्व और बेहतर प्रबंधन में पारंपरिक तरीके से ताज़ियादारी, मजलिस और जुलूस का आयोजन किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान अकीदतमंदों ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए शांतिपूर्ण वातावरण में अपने रस्मो-रिवाज अदा किए।


मुहर्रम के अवसर पर निकले जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस निर्धारित मार्गों से अनुशासित ढंग से गुज़रा। पूरे आयोजन के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे प्रशासनिक तैयारियों और आयोजन समिति की व्यवस्थाओं की सराहना की जा रही है।


मुहर्रम के दौरान बस्ती में हिन्दू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक प्रेरणादायक मिसाल भी देखने को मिली। जिला अस्पताल (हॉस्पिटल) चौराहे पर बड़े मंगलवार के अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा भंडारे का आयोजन किया जा रहा था। इसी दौरान सातवीं मुहर्रम का जुलूस भी उसी मार्ग से गुज़रा। भंडारे में सेवा कर रहे हिन्दू भाइयों ने जुलूस में शामिल मुस्लिम अकीदतमंदों का पानी की बोतलें देकर स्वागत किया और उन्हें पानी पिलाया। इस आत्मीय पहल ने पूरे क्षेत्र में भाईचारे, प्रेम और आपसी सम्मान का संदेश दिया। उपस्थित लोगों ने इस दृश्य को बस्ती की गंगा-जमुनी तहज़ीब का जीवंत उदाहरण बताते हुए इसकी सराहना की।


शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रहा। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम किए गए थे। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल ने लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं पर नज़र बनाए रखी, जिसके चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ।


गाँधीनगर एवं पुरानी बस्ती मुहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों और सेवादारों ने भी भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था तथा जुलूस के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समिति और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम रहा कि सभी धार्मिक कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के सम्पन्न हुए।


स्थानीय नागरिकों ने गाँधीनगर एवं पुरानी बस्ती मुहर्रम कमेटी के अनुशासित प्रबंधन के साथ-साथ जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की सक्रियता, सतर्कता एवं सहयोग की भी सराहना की। सभी के आपसी सहयोग और समन्वय से बस्ती में मुहर्रम का आयोजन शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बस्ती की पहचान केवल धार्मिक आयोजनों से नहीं, बल्कि अमन, भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहज़ीब से भी है।

इसी क्रम मे गांधी नगर स्थित हनुमान मंदिर के पास, डीसीएम रिटेल शॉप के बगल से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दसवीं मोहर्रम का जुलूस बड़े ही अमन, शांति और आपसी भाईचारे के माहौल में निकला। जुलूस के दौरान लोगों ने देश में शांति, सौहार्द और इंसानियत का संदेश दिया।

इस अवसर पर हमारी मुलाकात एसपी ऑफिस के सामने ब्रास बैंड वाली गली निवासी अनु शेख से हुई। उन्होंने बताया कि उनके यहां लगभग छह पुश्तों से ताज़िया बैठाया जा रहा है, जिसमें पूरे मोहल्ले के लोगों का भरपूर सहयोग मिलता है। इस दौरान मोहम्मद नसीम, डब्लू, खुर्शीद, समीम, नौशाद, अब्दुल रईस तथा मरहूम रफ़ीक़ का परिवार सहित गांधीनगर के अनेक लोग मौजूद रहे।

इसी क्रम में मोहल्ला दरिया के ताज़िए का भी बेहद खूबसूरत और आकर्षक नज़ारा देखने को मिला। मोहम्मद आसिफ ने बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने में उनकी पूरी टीम का विशेष योगदान रहता है, जिसमें मोहम्मद नियाज़, मोहम्मद समीर, अब्दुल कादिर, मोहम्मद शादाब, शाह आलम, समीर, अमन खान, बबलू, मोहम्मद शाहबाज़ सहित कई साथी पूरे समर्पण के साथ अपनी सेवाएं देते हैं।

मोहर्रम का यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता की भी खूबसूरत मिसाल बनकर सामने आया।

रिपोर्ट : रिज़वान खान