100 छात्राओं को निशुल्क टैबलेट देकर डिजिटल शिक्षा की नई शुरुआत

By Editor Aijaz Alam Khan

Breaking: बस्ती में 100 छात्राओं को निशुल्क टैबलेट देकर डिजिटल शिक्षा की नई शुरुआत, जानिए मनीष मिश्रा की बड़ी पहल।

100 छात्राओं को निशुल्क टैबलेट देकर डिजिटल शिक्षा की नई शुरुआत, मनीष मिश्रा बोले- शिक्षा और तकनीक में बस्ती को नई पहचान दिलाना लक्ष्य

100 छात्राओं को निशुल्क टैबलेट वितरित कर बस्ती में डिजिटल शिक्षा को नई दिशा देने की एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। रविवार 6 जुलाई 2026 को आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक संस्था के संस्थापक मनीष मिश्रा ने जिले की 100 छात्राओं को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से निशुल्क टैबलेट प्रदान किए। यह पहल केवल उपकरण वितरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि छात्राओं को डिजिटल शिक्षा, ऑनलाइन अध्ययन और भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।

आज के समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऑनलाइन कक्षाएं, डिजिटल नोट्स, ई-बुक्स और वर्चुअल लर्निंग प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों के अध्ययन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे दौर में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छात्राओं को तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराना उनके भविष्य को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।

100 छात्राओं को निशुल्क टैबलेट से डिजिटल शिक्षा को मिलेगा नया बल

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को टैबलेट के साथ-साथ डिजिटल शिक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि टैबलेट केवल पढ़ाई का साधन नहीं बल्कि ज्ञान, कौशल और करियर निर्माण का माध्यम भी बन सकता है। छात्राओं को ऑनलाइन क्लास, सरकारी शिक्षा पोर्टल, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी, डिजिटल लाइब्रेरी तथा विभिन्न शैक्षणिक ऐप्स के उपयोग की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं ने कहा कि अब उन्हें पढ़ाई के लिए अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे। इससे वे घर बैठे ऑनलाइन अध्ययन कर सकेंगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पहले से बेहतर तरीके से कर पाएंगी।

मनीष मिश्रा बोले- शिक्षा और तकनीक में जिले को नई पहचान दिलाना लक्ष्य

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के संस्थापक मनीष मिश्रा ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक ताकत उसकी शिक्षा व्यवस्था होती है। यदि बेटियों को आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए तो पूरा समाज आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल टैबलेट बांटना नहीं बल्कि छात्राओं को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है।

उन्होंने कहा कि आज का समय डिजिटल युग का है। आने वाले वर्षों में लगभग हर क्षेत्र में तकनीक की भूमिका और अधिक बढ़ेगी। इसलिए छात्राओं को अभी से डिजिटल संसाधनों के उपयोग के लिए तैयार करना बेहद आवश्यक है।

मनीष मिश्रा ने कहा कि संस्था भविष्य में भी जरूरतमंद एवं मेधावी छात्राओं के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षा में किया गया निवेश समाज और राष्ट्र दोनों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनता है।

डिजिटल शिक्षा क्यों बन रही है समय की सबसे बड़ी आवश्यकता?

विशेषज्ञों का मानना है कि नई शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल संसाधनों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। सरकारी परीक्षाओं से लेकर उच्च शिक्षा तक अधिकांश अध्ययन सामग्री अब ऑनलाइन उपलब्ध है। ऐसे में टैबलेट जैसे उपकरण विद्यार्थियों को बेहतर अवसर प्रदान करते हैं।

डिजिटल माध्यम से छात्राएं वीडियो लेक्चर देख सकती हैं, ई-बुक पढ़ सकती हैं, लाइव क्लास में भाग ले सकती हैं तथा देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों से भी सीखने का अवसर प्राप्त कर सकती हैं। यही कारण है कि डिजिटल शिक्षा को भविष्य की शिक्षा व्यवस्था का आधार माना जा रहा है।

बेटियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बेटियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जब छात्राएं तकनीकी रूप से मजबूत होंगी तो वे शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगी। इससे न केवल उनका व्यक्तिगत विकास होगा बल्कि परिवार और समाज भी आगे बढ़ेगा।

कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छात्राओं के लिए यह सहायता बेहद उपयोगी साबित होगी।

समाज के विभिन्न वर्गों ने की पहल की सराहना

कार्यक्रम में समाजसेवी जेडी मिश्रा, संजय मिश्रा, आलोक पांडे सहित संस्था के कई पदाधिकारी, शिक्षक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

उपस्थित लोगों ने कहा कि यदि समाज के अधिक लोग इसी प्रकार शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दें तो जिले की शिक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सकती है।

छात्राओं ने साझा किए अपने अनुभव

टैबलेट प्राप्त करने वाली छात्राओं ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई, नोट्स तैयार करने, डिजिटल पुस्तकें पढ़ने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में यह टैबलेट काफी मददगार साबित होगा।

छात्राओं ने संस्था और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल उनके सपनों को नई उड़ान देने वाली साबित होगी।

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रिपोर्ट : रिज़वान खान

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