बस्ती शास्त्रीय नृत्य कार्यशाला

Breaking: बस्ती में 8 दिवसीय शास्त्रीय नृत्य कार्यशाला का भव्य समापन, बाल कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
बस्ती शास्त्रीय नृत्य कार्यशाला का भव्य समापन, बाल कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने जीता सभी का दिल
बस्ती शास्त्रीय नृत्य कार्यशाला का आठ दिवसीय आयोजन सांस्कृतिक उल्लास और भारतीय शास्त्रीय परंपराओं की गरिमा के साथ संपन्न हो गया। महर्षि गुरु वशिष्ठ जी की तपोभूमि टाउन क्लब, गांधीनगर बस्ती में आयोजित इस कार्यक्रम में अंतिम दिन ऐसा माहौल देखने को मिला जिसने उपस्थित दर्शकों को लंबे समय तक याद रहने वाले सांस्कृतिक अनुभव से जोड़ दिया। कार्यक्रम में नन्हे कलाकारों ने अपने आत्मविश्वास, अनुशासन और कठिन अभ्यास का ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर उठा।
कार्यक्रम का संचालन कथक गुरु मास्टर शिव के निर्देशन में हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य केवल नृत्य सिखाना नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और कला के प्रति नई पीढ़ी में सम्मान और रुचि विकसित करना भी था। यही कारण रहा कि आठ दिनों तक चले इस प्रशिक्षण शिविर में बच्चों ने शास्त्रीय नृत्य की बारीकियों को सीखने के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को भी आत्मसात किया।
मुख्य अतिथियों की मौजूदगी में हुआ भव्य समापन
समापन समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती, महर्षि गुरु वशिष्ठ, पंडित अर्जुन मिश्रा, पंडित बिरजू महाराज तथा आचार्य रामचंद्र शुक्ल के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राणा दिनेश प्रताप सिंह रहे। उनके साथ नगर पालिका प्रतिनिधि अंकुर वर्मा, समाजसेवी सचिन श्रीवास्तव, महिला थाना प्रभारी शालिनी सिंह, डॉ. फारूक सिद्दीकी, मनमोहन श्रीवास्तव, सत्येंद्र श्रीवास्तव, अश्विनी श्रीवास्तव तथा अभिषेक श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। उन्होंने कथक गुरु मास्टर शिव द्वारा बस्ती में लगातार किए जा रहे सांस्कृतिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

कोलकाता से आई विशेषज्ञ टीम ने दिया प्रशिक्षण
बस्ती शास्त्रीय नृत्य कार्यशाला की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता से भरतनाट्यम एवं कथकली की विशेषज्ञ प्रशिक्षिका मास्टर सृजिता सरकार अपनी टीम के साथ विशेष रूप से बस्ती पहुंचीं। उनके साथ श्रेया जोद्दार, शिति टिकादर और शालिनी ने पूरे आठ दिनों तक विद्यार्थियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षकों ने बच्चों को शास्त्रीय नृत्य की मूलभूत तकनीकों, ताल, लय, भाव, मुद्राओं और मंच प्रस्तुति के विभिन्न पहलुओं का गहन अभ्यास कराया। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रस्तुति कौशल में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
बाल कलाकारों की प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र
समापन समारोह में सबसे पहले शिति टिकादर ने भरतनाट्यम शैली में गणेश वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद विभिन्न विद्यार्थियों ने पारंपरिक भरतनाट्यम प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब सराहना प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान मंच पर प्रस्तुत हर कलाकार के आत्मविश्वास और समर्पण ने यह साबित कर दिया कि लगातार अभ्यास और सही मार्गदर्शन से छोटी उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
समारोह के दौरान उपस्थित अभिभावकों ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया और कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने से बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, रचनात्मक सोच और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है।
आगे पढ़ें: अगले भाग में जानिए किन-किन विद्यार्थियों ने विशेष प्रस्तुतियां दीं, मुख्य अतिथियों ने क्या कहा और इस कार्यशाला को बस्ती के लिए क्यों बताया गया एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल।
रिजवान केहां की रिपोर्ट
AKP News 786