Breaking: बस्ती में सम्पन्न हुआ ABVP गोरक्ष प्रांत अभ्यास वर्ग, 17 जिलों के 300 कार्यकर्ताओं को मिला विशेष प्रशिक्षण, जानिए पूरी रिपोर्ट।

ABVP गोरक्ष प्रांत अभ्यास वर्ग बस्ती में सम्पन्न, 17 जिलों के 300 कार्यकर्ताओं ने लिया प्रशिक्षण
ABVP गोरक्ष प्रांत अभ्यास वर्ग को लेकर बस्ती से बड़ी खबर सामने आई है। चार दिनों तक चले इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में गोरक्ष प्रांत के 17 संगठनात्मक जिलों से लगभग 300 छात्र एवं शिक्षक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। यह आयोजन केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संगठन विस्तार, नेतृत्व विकास और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण मंच बना। कार्यक्रम के दौरान कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया और संगठन की भावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
बस्ती स्थित स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ फार्मेसी में आयोजित यह चार दिवसीय कार्यक्रम 25 जून से 28 जून तक चला। इस दौरान कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यपद्धति, वैचारिक अधिष्ठान, नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल, संगठन विस्तार तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किया गया।
ABVP गोरक्ष प्रांत अभ्यास वर्ग का भव्य शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन अवसर पर राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह, केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य हिमालय सिंह झाला, प्रांत अध्यक्ष डॉ. राकेश प्रताप सिंह, प्रांत मंत्री शशिकांत मंगलम गुप्ता तथा प्रांत संगठन मंत्री पुनीत अग्रवाल उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने संगठन की कार्यसंस्कृति, विद्यार्थियों की भूमिका तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी पर अपने विचार साझा किए।
उद्घाटन सत्र में प्रांत अध्यक्ष डॉ. राकेश प्रताप सिंह ने अभ्यास वर्ग की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद का उद्देश्य केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नेतृत्व तैयार करना भी है।
आठ प्रशिक्षण सत्रों में मिला व्यापक मार्गदर्शन
चार दिवसीय ABVP गोरक्ष प्रांत अभ्यास वर्ग के दौरान कुल आठ प्रशिक्षण सत्र और दो प्रेरक व्याख्यान आयोजित किए गए। प्रत्येक सत्र को इस प्रकार तैयार किया गया कि कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक कार्यों के साथ-साथ व्यावहारिक नेतृत्व कौशल भी विकसित करने का अवसर मिले।
- संगठन की कार्यपद्धति
- वैचारिक अधिष्ठान
- परिसर इकाई की भूमिका
- सक्षम इकाई का निर्माण
- कार्यकर्ता व्यवहार एवं व्यक्तित्व विकास
- प्रवास, संपर्क एवं संवाद
- सदस्यता एवं पुनर्गठन प्रक्रिया
- आयाम एवं विभिन्न गतिविधियाँ
इन सभी विषयों पर अनुभवी वक्ताओं ने विस्तार से मार्गदर्शन दिया। प्रशिक्षण के दौरान केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि कार्यकर्ताओं को व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से भी संगठन संचालन की बारीकियों से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम में शामिल कार्यकर्ताओं ने भी प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के अभ्यास वर्ग से उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने की प्रेरणा और नई ऊर्जा प्राप्त हुई।

वरिष्ठ वक्ताओं ने संगठन की विचारधारा और कार्यसंस्कृति पर रखा विशेष जोर
अभ्यास वर्ग के विभिन्न सत्रों में कई अनुभवी वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं को संगठन की मूल विचारधारा, कार्यशैली और सामाजिक दायित्वों से परिचित कराया। प्रथम प्रेरक व्याख्यान में प्रो. राजशरण शाही ने विद्यार्थियों की सामाजिक भूमिका, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक जागरूक विद्यार्थी केवल अपने करियर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी सक्रिय योगदान देता है।
इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही ने “सैद्धांतिक भूमिका” विषय पर विस्तार से मार्गदर्शन देते हुए संगठन के वैचारिक आधार, उद्देश्य और कार्यदृष्टि को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती उसके विचारों, अनुशासन और कार्यकर्ताओं की सक्रियता पर आधारित होती है।
राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने “परिसर इकाई” विषय पर बोलते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद का प्रत्येक कार्यकर्ता अपने महाविद्यालय और विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों तक पहुंचकर उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि परिषद की सबसे बड़ी ताकत उसकी सामूहिक कार्यसंस्कृति है, जहां व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी जाती है।
व्यक्तित्व विकास से लेकर संगठन विस्तार तक मिला व्यापक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय कला मंच के अखिल भारतीय प्रमुख अंकित शुक्ला ने “सक्षम इकाई” विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि किसी भी संगठन की सफलता उसके प्रशिक्षित और सक्रिय कार्यकर्ताओं पर निर्भर करती है। वहीं केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य हिमालय सिंह झाला ने कार्यपद्धति पर विस्तार से जानकारी दी और संगठनात्मक अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया।
नेपाली विद्यार्थी कार्य के संयोजक प्रियांशु त्रिपाठी ने विभिन्न आयामों और गतिविधियों पर चर्चा करते हुए बताया कि विद्यार्थी परिषद केवल शैक्षणिक विषयों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक, पर्यावरण, सेवा और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े अनेक कार्यक्रमों का संचालन भी करती है।
प्रांत मंत्री शशिकांत मंगलम गुप्ता ने सदस्यता अभियान, कार्यकारिणी गठन और पुनर्गठन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। वहीं प्रांत संगठन मंत्री पुनीत अग्रवाल ने प्रवास, संपर्क और संवाद को संगठन विस्तार का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए कार्यकर्ताओं को नियमित जनसंपर्क बनाए रखने की सलाह दी।
प्रांत अध्यक्ष डॉ. राकेश प्रताप सिंह ने “कार्यकर्ता व्यवहार एवं विकास” विषय पर मार्गदर्शन देते हुए कहा कि एक अच्छा कार्यकर्ता केवल कुशल आयोजक ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक भी होना चाहिए।
संत रविदास के जीवन से सामाजिक समरसता का संदेश
द्वितीय प्रेरक व्याख्यान में राष्ट्रीय कला मंच के अखिल भारतीय प्रमुख अंकित शुक्ला ने “संत शिरोमणि गुरु रविदास” विषय पर विस्तृत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवन और विचारों से समाज को समानता, समरसता और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर सेवा, सद्भाव और आत्मीयता की भावना को बढ़ावा दिया, जो आज भी प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद भी इन्हीं मूल्यों को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों के बीच सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का कार्य कर रही है। प्रशिक्षण में शामिल कार्यकर्ताओं ने भी इस विषय पर गहरी रुचि दिखाई और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
चार दिवसीय ABVP गोरक्ष प्रांत अभ्यास वर्ग के दौरान सभी प्रशिक्षण सत्रों में कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों ने अनुभव साझा किए और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की। इससे संगठन के विभिन्न क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिली।
समापन सत्र में नए दायित्वों की घोषणा, संगठन विस्तार पर विशेष जोर
चार दिवसीय ABVP गोरक्ष प्रांत अभ्यास वर्ग के समापन सत्र में संगठन विस्तार और आगामी कार्ययोजना को ध्यान में रखते हुए विभिन्न पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं के नवीन कार्यक्षेत्रों की घोषणा की गई। प्रांत अध्यक्ष डॉ. राकेश प्रताप सिंह ने बताया कि संगठन की बढ़ती गतिविधियों और प्रभावी संचालन के लिए यह जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
घोषित दायित्वों के अनुसार अंकित मिश्रा को सिद्धार्थनगर विभाग, राजवर्धन सिंह को गोरखपुर महानगर विभाग, अभिषेक श्रीवास्तव को गोरखपुर ग्रामीण विभाग, अमर्त्य सुंदरम पाण्डेय को देवरिया विभाग, आदित्य गांधी को कुशीनगर विभाग, रंजीत सिंह को बलिया विभाग तथा सात्विक श्रीवास्तव को आजमगढ़ विभाग का दायित्व सौंपा गया।
इसके अलावा गोरखपुर महानगर विभाग में प्रो. सुषमा पांडेय को विभाग प्रमुख, प्रशांत त्रिपाठी को विभाग संयोजक तथा सम्पदा द्विवेदी को विभाग छात्रा प्रमुख की जिम्मेदारी प्रदान की गई। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सभी नवदायित्व प्राप्त पदाधिकारियों का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।
राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने दिया सामूहिक नेतृत्व का संदेश
समापन अवसर पर राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा कि विद्यार्थी परिषद केवल एक छात्र संगठन नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त अभियान है। उन्होंने कहा कि परिषद की सबसे बड़ी पहचान उसकी कार्यसंस्कृति है, जहां “मैं नहीं, हम” की भावना सर्वोपरि रहती है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता का दायित्व है कि वह अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचे, उन्हें सकारात्मक सोच से जोड़े और समाज तथा राष्ट्र के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे। संगठन का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं बल्कि जिम्मेदार नेतृत्व तैयार करना भी है।

- 17 संगठनात्मक जिलों के लगभग 300 कार्यकर्ताओं की सहभागिता।
- चार दिनों तक वैचारिक एवं संगठनात्मक प्रशिक्षण।
- नेतृत्व विकास और व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष सत्र।
- संत रविदास के जीवन दर्शन एवं सामाजिक समरसता पर प्रेरक व्याख्यान।
- नए कार्यक्षेत्रों और संगठनात्मक दायित्वों की घोषणा।
- राष्ट्र निर्माण और छात्र नेतृत्व को मजबूत करने पर विशेष बल।
बस्ती में आयोजित ABVP गोरक्ष प्रांत अभ्यास वर्ग केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं बल्कि संगठनात्मक मजबूती, नेतृत्व निर्माण और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित युवा शक्ति को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। चार दिनों तक चले इस अभ्यास वर्ग ने कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा, नई दिशा और संगठन के प्रति अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। आने वाले समय में इन प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं के माध्यम से विभिन्न जिलों में संगठनात्मक गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है।
यदि आपको शिक्षा, छात्र संगठन, उत्तर प्रदेश और बस्ती की ऐसी ही विश्वसनीय एवं विस्तृत खबरें पढ़ना पसंद है, तो हमारी वेबसाइट को नियमित विजिट करें। इस खबर को अपने मित्रों के साथ साझा करें और अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें।
रिजवान खान की रिपोर्ट
AKP News 786