Arun Kumar Mishra Death: बीमारी के चलते बस्ती पुलिस के मुख्य आरक्षी का निधन, पुलिस लाइन में पूरे सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
Arun Kumar Mishra Death की खबर ने बस्ती पुलिस महकमे को गहरे शोक में डाल दिया। जनपद बस्ती के थाना गौर में तैनात मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) अरुण कुमार मिश्रा का रविवार, 12 जुलाई 2026 की सुबह बीमारी के चलते निधन हो गया। जैसे ही उनके निधन की सूचना पुलिस विभाग और सहकर्मियों तक पहुंची, पूरे महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस लाइन में अधिकारियों और जवानों ने उन्हें पूरे राजकीय सम्मान और भावभीनी श्रद्धांजलि के साथ अंतिम विदाई दी।
जानकारी के अनुसार मुख्य आरक्षी अरुण कुमार मिश्रा पिछले कुछ समय से लीवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। रविवार सुबह अचानक उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही बस्ती पुलिस परिवार और उनके शुभचिंतकों में शोक व्याप्त हो गया।
करीब तीन दशक तक पुलिस सेवा में निभाई जिम्मेदारियां
मुख्य आरक्षी अरुण कुमार मिश्रा उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद के मूल निवासी थे। उन्होंने 18 अक्टूबर 1994 को आरक्षी के रूप में उत्तर प्रदेश पुलिस में अपनी सेवा शुरू की थी। लंबे समय तक ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ सेवा देने के बाद उन्हें पदोन्नत कर मुख्य आरक्षी बनाया गया। वर्तमान में वह बस्ती जिले के थाना गौर में तैनात थे और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे।

करीब 32 वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने पुलिस विभाग में अपनी कार्यशैली, अनुशासन और समर्पण से अलग पहचान बनाई। सहकर्मियों के अनुसार वे शांत स्वभाव, सहयोगी व्यवहार और कर्तव्य के प्रति पूरी तरह समर्पित अधिकारी थे। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से किया, जिसके कारण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था।
बीमारी से लंबी लड़ाई के बाद हुआ निधन
पुलिस विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार अरुण कुमार मिश्रा पिछले कुछ समय से लीवर की गंभीर बीमारी का उपचार करा रहे थे। स्वास्थ्य में लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद वे इलाज के साथ अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का प्रयास कर रहे थे। रविवार सुबह अचानक तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों के सभी प्रयास सफल नहीं हो सके।
उनके निधन के बाद पुलिस विभाग के अधिकारियों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा कानून व्यवस्था बनाए रखने और जनता की सेवा में समर्पित किया। विभाग के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई आसानी से संभव नहीं है।
पुलिस लाइन में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
Arun Kumar Mishra Death के बाद उनके पार्थिव शरीर को बस्ती पुलिस लाइन लाया गया, जहां अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी हर्रैया, क्षेत्राधिकारी कलवारी, क्षेत्राधिकारी लाइन सहित अन्य अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पुलिस बल ने शोक धुन के बीच दिवंगत मुख्य आरक्षी को शोक सलामी देकर सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मौजूद अधिकारियों ने दिवंगत के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। पुलिस कर्मियों ने कंधा देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया और पुलिस परिवार की एकजुटता का भी प्रतीक बना।
पुलिस सेवा में अनुशासन और समर्पण की मिसाल थे अरुण कुमार मिश्रा
Arun Kumar Mishra Death केवल एक पुलिसकर्मी के निधन की खबर नहीं है, बल्कि यह उस अधिकारी की विदाई है जिसने अपने जीवन के तीन दशक से अधिक समय कानून व्यवस्था और जनसेवा को समर्पित किए। उत्तर प्रदेश पुलिस में वर्ष 1994 से शुरू हुई उनकी सेवा यात्रा के दौरान उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ किया। सहकर्मियों के अनुसार वह हमेशा अनुशासनप्रिय, शांत स्वभाव और सहयोग की भावना रखने वाले अधिकारी थे।
थाना गौर में तैनाती के दौरान भी उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ बेहतर संवाद बनाए रखा। कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में उनकी कार्यशैली संतुलित और जिम्मेदार मानी जाती थी। यही कारण रहा कि उनके निधन की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने भी गहरा दुख व्यक्त किया।
अधिकारियों और पुलिस कर्मियों ने दी अंतिम सलामी
बस्ती पुलिस लाइन में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम अत्यंत भावुक माहौल में सम्पन्न हुआ। अपर पुलिस अधीक्षक, विभिन्न क्षेत्राधिकारी, पुलिस लाइन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों ने दिवंगत मुख्य आरक्षी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। शोक धुन के बीच उन्हें औपचारिक ‘शोक सलामी’ दी गई, जो पुलिस विभाग की सम्मान परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि अरुण कुमार मिश्रा ने पूरी सेवा अवधि में विभाग की गरिमा बनाए रखते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। उनकी कार्यनिष्ठा नए पुलिस कर्मियों के लिए भी प्रेरणा का विषय रहेगी। कार्यक्रम के अंत में पुलिस कर्मियों ने अपने दिवंगत साथी को कंधा देकर अंतिम विदाई दी।
परिजनों को दी गई सांत्वना, विभाग ने जताया शोक
श्रद्धांजलि समारोह के दौरान मौजूद अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और इस कठिन समय में हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया। पुलिस परिवार के कई सदस्य इस अवसर पर भावुक दिखाई दिए। विभाग की ओर से दिवंगत अधिकारी की सेवाओं को याद करते हुए उनके योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण किया गया।
Arun Kumar Mishra Death की घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि पुलिस कर्मी अपने कर्तव्य के साथ-साथ कई व्यक्तिगत और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का भी सामना करते हैं। ऐसे समर्पित अधिकारियों की सेवाएं समाज और पुलिस विभाग दोनों के लिए सदैव प्रेरणादायक रहेंगी।
Arun Kumar Mishra Death बस्ती पुलिस परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है। लगभग 32 वर्षों तक ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ पुलिस सेवा देने वाले मुख्य आरक्षी अरुण कुमार मिश्रा की सेवाओं को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा। पुलिस विभाग द्वारा दी गई अंतिम सलामी उनके प्रति सम्मान और उनके योगदान का प्रतीक है।
यदि आप उत्तर प्रदेश, बस्ती और देश-दुनिया की ऐसी ही विश्वसनीय, तथ्यात्मक और सबसे तेज़ खबरें पढ़ना चाहते हैं, तो हमारी वेबसाइट के अन्य समाचार भी अवश्य पढ़ें। इस खबर पर अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में साझा करें और इसे अपने मित्रों के साथ भी शेयर करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सही जानकारी पहुंच सके।
परमानंद मिश्रा की रिपोर्ट
AKP News 786