बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में थाना कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर भाग रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो अवैध तमंचे, तीन जिंदा कारतूस, एक जिंदा देशी सूतली बम, तीन मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और 260 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 10 जुलाई 2026 की रात सूचना मिली थी कि टोल प्लाजा बस्ती के पास 8 से 10 मोटरसाइकिलों पर सवार कुछ युवक लाठी-डंडे, हॉकी, तमंचे और बम के साथ मौजूद हैं तथा किसी बड़ी वारदात की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक मोती चंद के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस को देखते ही संदिग्ध युवक बड़ेवन की ओर भागने लगे। पीछा करने के दौरान आरोप है कि कुछ युवकों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने सतर्कता और रणनीति का इस्तेमाल करते हुए जवाबी कार्रवाई की तथा मुड़घाट पुल के पास घेराबंदी कर एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों को पकड़ लिया। हालांकि, अंधेरे और ट्रैफिक का फायदा उठाकर कई अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवांश सिंह उर्फ हर्ष (20), अली खान उर्फ गोलू (21) और अहमद खान (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से दो अवैध 315 बोर तमंचे, तीन जिंदा कारतूस, एक देशी सूतली बम, तीन मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और 260 रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा CLA एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि अवैध तमंचे और देशी बम उन्हें उनके फरार साथियों अहमद मलिक, जैद और इलहान ने उपलब्ध कराए थे। वहीं, गुफरान इद्रीशी द्वारा देशी बम बनाने और फेंकने का प्रशिक्षण दिए जाने का भी आरोपियों ने दावा किया है। पुलिस इन दावों की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में अली खान और अहमद खान के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि शिवांश सिंह के विरुद्ध यह पहला दर्ज मामला बताया गया है। मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार अभियान चला रही है।
रिपोर्ट : परमानंद मिश्रा