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23 Jul 2026, Thu

बस्ती में अवैध कच्ची शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, वांछित तस्कर गिरफ्तार

बस्ती में अवैध कच्ची शराब

By Editor Aijaz Alam Khan

बस्ती में अवैध कच्ची शराब

बस्ती में अवैध कच्ची शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, वांछित तस्कर गिरफ्तार

बस्ती में अवैध कच्ची शराब के काले कारोबार और उसके अवैध निष्कर्षण के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस का सख्त अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में जनपद बस्ती के थाना छावनी पुलिस टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए न सिर्फ भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है, बल्कि लंबे समय से वांछित चल रहे एक शातिर तस्कर को भी दबोच लिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत ग्रामीण और तटीय इलाकों में लगातार गश्त बढ़ाई जा रही है। इस ताजा कार्रवाई ने स्थानीय स्तर पर सक्रिय शराब माफियाओं के नेटवर्क को एक बड़ा झटका दिया है।

कार्रवाई की पृष्ठभूमि और पुलिस की घेराबंदी

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में नदियों और नहरों के किनारे बसे तटीय इलाकों में अवैध शराब बनाने और उसकी तस्करी करने की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं। जनपद बस्ती का छावनी थाना क्षेत्र भी ऐसे संवेदनशील इलाकों में शामिल रहा है, जहाँ पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक बस्ती के कड़े निर्देशों के बाद लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। थाना छावनी के प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को पिछले कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि कुछ असामाजिक तत्व गुपचुप तरीके से नदी और नहरों के बांध का फायदा उठाकर अवैध शराब की बड़ी खेप को ठिकाने लगाने की फिराक में हैं।

इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने अपनी खुफिया विंग को सक्रिय किया और स्थानीय मुखबिरों का जाल बिछाया। पुलिस की इस सतर्कता का नतीजा यह हुआ कि सटीक जानकारी मिलते ही टीम ने छापेमारी की योजना बनाई। इस प्रकार की अवैध गतिविधियां न केवल सरकारी राजस्व को भारी चूना लगाती हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चुनौती बनी हुई हैं। यही कारण है कि स्थानीय पुलिस इस बार पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी थी ताकि मुख्य आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा जा सके।

ताजा घटनाक्रम: बालूघाट नहर के पास छापेमारी

आज यानी 13 जुलाई 2026 को थाना छावनी पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम चन्द्रपलिया के पास बालूघाट जाने वाली नहर के बन्धे पर अवैध शराब की एक बड़ी खेप के साथ तस्कर मौजूद है और उसे किसी अन्य स्थान पर सप्लाई करने की तैयारी की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक छावनी के नेतृत्व में उपनिरीक्षक और कांस्टेबलों की एक मजबूत टीम ने तत्काल बताए गए स्थान की ओर कूच किया। पुलिस टीम ने बेहद सूझबूझ और रणनीतिक तरीके से बालूघाट जाने वाले नहर के पास बन्धा बहद ग्राम चन्द्रपलिया की घेराबंदी शुरू कर दी।

पुलिस की आहट पाते ही वहां मौजूद संदिग्ध व्यक्ति ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे चारों तरफ से घेरकर मौके पर ही दबोच लिया। जब पुलिस टीम ने मौके की तलाशी ली, तो वहां से दो बड़ी प्लास्टिक की बोरियां बरामद हुईं। इन बोरियों को खोलने पर पुलिस के होश उड़ गए, क्योंकि इनके भीतर कुल 80 लीटर अवैध कच्ची शराब भरी हुई थी। इसके साथ ही पुलिस ने मौके से तस्करी में इस्तेमाल होने वाले एक कमर्शियल वाहन को भी जब्त किया है।

“बस्ती में अवैध कच्ची शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को पनपने नहीं दिया जाएगा और ऐसे अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।” – स्थानीय पुलिस प्रशासन

आरोपी की पहचान और पुराना आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान गौतम निषाद पुत्र हरिलाल निषाद के रूप में हुई है, जो कि पूरे चेतन, थाना छावनी, जनपद बस्ती का स्थायी निवासी है। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ और रिकॉर्ड खंगालने पर यह बात सामने आई कि पकड़ा गया अभियुक्त कोई नया अपराधी नहीं है, बल्कि वह छावनी थाने का एक शातिर और वांछित अपराधी है। गौतम निषाद के खिलाफ पहले से ही गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं और वह पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।

यह अभियुक्त थाना छावनी पर पूर्व में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 146/2026 की धारा 60, 63 आबकारी अधिनियम (EX ACT) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 274 के तहत वांछित चल रहा था। पिछले काफी समय से पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। आखिरकार 12 जुलाई 2026 की शाम करीब 18:30 बजे पुलिस ने उसे चन्द्रपलिया ग्राम के पास से गिरफ्तार करने में सफलता पाई और आज आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उसे माननीय न्यायालय बस्ती के समक्ष रवाना कर दिया गया है।

बरामदगी का विस्तृत विवरण

पुलिस द्वारा मौके से की गई बरामदगी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि तस्कर बड़े पैमाने पर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने विधिक प्रक्रिया के तहत निम्नलिखित सामानों को अपने कब्जे में लिया है:

  • अवैध शराब: 02 प्लास्टिक की बोरियों में सीलबंद कुल 80 लीटर अवैध कच्ची शराब, जिसका निष्कर्षण अवैध रूप से किया गया था।
  • तस्करी में प्रयुक्त वाहन: एक मोटर टेम्पो वाहन, जिसका पंजीकरण संख्या UP42CT 9830 है। इस वाहन का उपयोग शराब की बोतलों और जरकीनों को ग्रामीण इलाकों में सप्लाई करने के लिए किया जा रहा था।

कार्रवाई करने वाली जांबाज पुलिस टीम

इस सफल और सुरक्षित ऑपरेशन को अंजाम देने वाली छावनी पुलिस टीम की स्थानीय नागरिकों और उच्च अधिकारियों द्वारा सराहना की जा रही है। इस टीम में मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे:

  • प्रभारी निरीक्षक: राणा देवेन्द्र प्रताप सिंह, थाना छावनी, जनपद बस्ती।
  • उपनिरीक्षक: रामकुमार पासवान, थाना छावनी, जनपद बस्ती।
  • आरक्षी (कांस्टेबल): का0 अभिषेक सिंह, का0 शिल्लू जायसवाल, का0 करमजीत यादव, और का0 चन्द्रकेश प्रजापति।

विस्तृत विश्लेषण और इस कार्रवाई का सामाजिक प्रभाव

बस्ती में अवैध कच्ची शराब का यह मामला केवल एक साधारण गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके गहरे सामाजिक और आर्थिक प्रभाव हैं। ग्रामीण इलाकों में इस प्रकार की कच्ची शराब का निर्माण बेहद अस्वास्थ्यकर और खतरनाक परिस्थितियों में किया जाता है। कई बार यूरिया, नौसादर और अन्य जहरीले रसायनों का उपयोग करके शराब को अधिक नशीला बनाने का प्रयास किया जाता है, जो अंततः जहरीली शराब त्रासदी का रूप ले लेती है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अतीत में हुई ऐसी घटनाएं इस बात का गवाह हैं कि थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है।

यही सबसे बड़ी गलती लोग करते हैं कि वे सस्ते के चक्कर में या आसानी से उपलब्धता के कारण इन अवैध ठिकानों से शराब खरीदकर अपने जीवन को संकट में डाल देते हैं। छावनी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने संभावित रूप से किसी बड़ी अप्रिय घटना को होने से रोक दिया है। 80 लीटर की यह खेप यदि बाजार में पहुंच जाती, तो न जाने कितने परिवारों के स्वास्थ्य पर इसका सीधा असर पड़ता। इसके अलावा, बिना किसी वैध लाइसेंस और आबकारी शुल्क के चलने वाले इस समानांतर कारोबार से राज्य सरकार को मिलने वाले राजस्व को भी भारी नुकसान पहुंचता है।

सार्वजनिक सुरक्षा और भविष्य का रोडमैप

विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों और विशेष प्रशासनिक मुस्तैदी के समय आबकारी माफिया सक्रिय होने की कोशिश करते हैं। ऐसे में पुलिस का यह कदम सराहनीय है, लेकिन इस नेटवर्क को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने के लिए जनता के सहयोग की भी अत्यधिक आवश्यकता है। स्थानीय ग्रामीणों को अपने आस-पास होने वाली ऐसी संदिग्ध गतिविधियों, जैसे कि नहरों के किनारे भट्ठियां सुलगना या देर रात वाहनों की संदिग्ध आवाजाही, के बारे में तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए।

अगर इस बात को नजरअंदाज किया, तो असामाजिक तत्वों के हौसले और बुलंद हो जाते हैं। बस्ती पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सूचना देने वाले नागरिकों की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। आने वाले दिनों में पुलिस इस रूट पर पड़ने वाले अन्य गांवों और संदिग्ध ठिकानों पर अपनी गश्त और तेज करने वाली है, ताकि जिले को पूरी तरह से अवैध और जहरीली नशाखोरी से मुक्त कराया जा सके।

जनपद बस्ती की छावनी पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई अपराधियों के मन में डर पैदा करने और आम जनता में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ करने के लिए एक बेहद आवश्यक कदम है। बस्ती में अवैध कच्ची शराब के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस टीम के मुखिया राणा देवेन्द्र प्रताप सिंह और उनकी पूरी टीम ने जिस तत्परता का परिचय दिया है, वह सराहनीय है। इस प्रकार की सख्त कार्रवाइयों से न केवल ग्रामीण अंचलों में कानून का राज स्थापित होता है, बल्कि जहरीली शराब के सेवन से होने वाली मौतों और अपराधों पर भी प्रभावी रूप से अंकुश लगता है। न्यायालय में अभियुक्त की पेशी के बाद अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित चेहरों का पता लगाने में जुट गई है।

इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे पर आपकी क्या सोच है? क्या आपको लगता है कि ग्रामीण इलाकों में ऐसे शराब माफियाओं के खिलाफ और अधिक कठोर कदम उठाए जाने की आवश्यकता है? नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी बहुमूल्य राय हमारे साथ साझा करना न भूलें। यदि आप उत्तर प्रदेश और अपने क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबर से हमेशा अपडेट रहना चाहते हैं, तो हमारी वेबसाइट के नोटिफिकेशन को ऑन कर लें और इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने मित्रों, करीबियों और सोशल मीडिया ग्रुप्स में जरूर शेयर करें ताकि समाज में जागरूकता फैल सके।

परमानंद मिश्रा की रिपोर्ट

AKP News 786