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4 Jun 2026, Thu

खरीफ 2026 के लिए बीज वितरण में बड़ा बदलाव: अब E-Lottery से मिलेगा बीज

By Editor Aijaz Alam Khan

खरीफ 2026 के लिए बीज वितरण में बड़ा बदलाव: अब E-Lottery से मिलेगा बीज

उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। खरीफ 2026 सीजन के लिए बीज वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से अब “पहले आओ, पहले पाओ” की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। इसके स्थान पर अब ऑनलाइन बुकिंग और ई-लॉटरी प्रणाली लागू की गई है। यह नई व्यवस्था किसानों को समान अवसर प्रदान करने के लिए शुरू की गई है।

नई व्यवस्था का उद्देश्य

कृषि विभाग द्वारा शुरू की गई इस नई प्रणाली का मुख्य उद्देश्य बीज वितरण में पारदर्शिता लाना और सभी किसानों को समान अवसर देना है। पहले की व्यवस्था में कई बार सीमित बीज के कारण सभी किसानों को लाभ नहीं मिल पाता था। अब ई-लॉटरी के माध्यम से निष्पक्ष चयन सुनिश्चित किया जाएगा।

किन-किन बीजों का होगा वितरण?

खरीफ 2026 के लिए विभिन्न प्रकार के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • धान
  • ढैंचा
  • अरहर
  • उर्द
  • मूंग
  • ज्वार
  • बाजरा
  • सांवा
  • कोदो
  • रागी
  • तिल

इसके अलावा संकर बीज जैसे संकर धान और संकर ज्वार भी उपलब्ध होंगे। मिनीकिट बीज भी किसानों को निःशुल्क या अनुदान पर दिए जाएंगे।

ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया

किसानों को बीज प्राप्त करने के लिए कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी और किसान स्वयं या जन सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

बुकिंग की महत्वपूर्ण तिथियां:

  • बुकिंग शुरू: 22 अप्रैल 2026
  • अंतिम तिथि: 10 मई 2026

ध्यान दें कि 10 मई 2026 के बाद किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ई-लॉटरी से चयन कैसे होगा?

यदि आवेदन संख्या अधिक हो जाती है, तो किसानों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। यह प्रक्रिया जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।

इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी प्रकार की पक्षपात या अनियमितता न हो और सभी पात्र किसानों को समान अवसर मिले।

पात्रता और शर्तें

  • केवल पंजीकृत किसान ही आवेदन कर सकते हैं।
  • किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक है।
  • सामान्य, मिनीकिट और संकर बीज के लिए अलग-अलग आवेदन किया जा सकता है।

बीज वितरण की प्रक्रिया

ई-लॉटरी में चयनित किसानों को उनके विकास खंड के राजकीय कृषि बीज भंडार से बीज प्राप्त करना होगा। वितरण के दौरान पॉस मशीन पर अंगूठा लगाकर पहचान सत्यापित की जाएगी।

मिनीकिट बीज निःशुल्क दिए जाएंगे, जबकि सामान्य बीज के लिए किसानों को निर्धारित अंशदान करना होगा।

किसानों के लिए लाभ

इस नई प्रणाली से किसानों को कई फायदे होंगे:

  • पारदर्शी प्रक्रिया
  • समान अवसर
  • डिजिटल सुविधा
  • भ्रष्टाचार में कमी
  • समय की बचत

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें

किसान अधिक जानकारी के लिए निम्नलिखित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं:

  • उप कृषि निदेशक
  • जिला कृषि अधिकारी
  • विकास खंड के कृषि बीज भंडार
  • कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी

समय पर आवेदन करें

कृषि विभाग ने सभी किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी बुकिंग अवश्य करें। अंतिम तिथि के बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए देरी न करें और इस योजना का लाभ उठाएं।

निष्कर्ष

खरीफ 2026 के लिए लागू की गई यह नई ई-लॉटरी आधारित बीज वितरण प्रणाली किसानों के लिए एक बड़ा बदलाव है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि सभी किसानों को समान अवसर भी मिलेगा। यह कदम कृषि क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

यदि आप किसान हैं, तो इस योजना का लाभ उठाने के लिए तुरंत आवेदन करें और अपनी खेती को बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाएं।

रिपोर्ट : रिजवान खान

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