समाजवादी पार्टी ने आगामी 5 अगस्त को लखनऊ में आयोजित होने वाली पूर्व केंद्रीय मंत्री जनेश्वर मिश्र की जयंती को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय में मंडलीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल और ऐतिहासिक बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। बलिया से समाजवादी पार्टी के सांसद एवं प्रदेश संयोजक सनातन पाण्डेय ने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में लखनऊ पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।
बैठक में बस्ती जिले से अधिकाधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने, आवागमन की व्यवस्था, संगठनात्मक तैयारियों तथा जिम्मेदारियों के निर्धारण पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में संगठन की ताकत का प्रदर्शन होगा और बस्ती से बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल होंगे। पार्टी कार्यालय पहुंचने पर सांसद सनातन पाण्डेय का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया।
अपने संबोधन में सांसद सनातन पाण्डेय ने कहा कि स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र समाजवादी विचारधारा के प्रमुख स्तंभ थे। उनकी जयंती केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं, बल्कि समाजवादी आंदोलन को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सनातन पाण्डेय ने अयोध्या के कथित राम मंदिर चंदा एवं चढ़ावा अनियमितता मामले सहित कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में केवल औपचारिक कार्रवाई की जा रही है। जब केंद्र और प्रदेश दोनों जगह भाजपा की सरकार है तो करोड़ों रुपये की कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच अब तक क्यों नहीं कराई गई? उन्होंने दावा किया कि इस मामले में कार्रवाई तब शुरू हुई, जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे सार्वजनिक रूप से उठाया।
उन्होंने कहा कि यदि एसआईटी जांच में अनियमितताओं की पुष्टि हुई है तो कार्रवाई केवल कर्मचारियों, सफाईकर्मियों और ड्राइवरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों और पदाधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चंपत राय को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए था तथा मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी इस विषय पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
पत्रकार वार्ता के दौरान सांसद सनातन पाण्डेय ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में ब्राह्मण समाज स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने कानपुर के खुशी दुबे प्रकरण तथा विजय मिश्रा के परिवार का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोधियों के परिवारों को भी निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून अपना कार्य करे, लेकिन निर्दोष लोगों का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।
सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता तथा समाजवादी पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी, कविन्द्र चौधरी अतुल, पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय, सिद्धार्थनगर के पूर्व विधायक एवं जिलाध्यक्ष लालजी यादव, दयाशंकर मिश्र, प्रवीण पाठक, कोदई यादव, पूर्व मंत्री मोनू दूबे, अनीता द्विवेदी, प्रिया पाठक सहित अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जनेश्वर मिश्र की जयंती को लेकर विभिन्न सुझाव दिए गए। बैठक का संचालन मणिन्द्र मिश्र ने किया।
बैठक में सौरभ मिश्रा ‘सन्नी’, वृजेश मिश्र, महेश तिवारी, सत्येन्द्र पाण्डेय, शैलेन्द्र दूबे, अरविन्द सोनकर, भोला पाण्डेय, अरविन्द दूबे, आनन्द उपाध्याय, गोपेश्वर चौबे, कमलेश दूबे, राकेश दूबे, चन्द्र प्रकाश चौधरी, श्याम नारायण शुक्ल ‘कक्कू’, रामदास पाण्डेय, दिवाकर त्रिपाठी, हरीश पाण्डेय, आशुतोष पाण्डेय, मुन्ना मिश्रा, बघऊ पाण्डेय, विजय विक्रम आर्य, रजनीश यादव, हरीश गौतम, रौनक उपाध्याय, बलवन्त उपाध्याय, सियाराम शुक्ल, राकेश मिश्र, गगन पाण्डेय, मनीष पाण्डेय, सुमन्त पाण्डेय, गुड्डू पाण्डेय, रवि दूबे, जय प्रकाश पाण्डेय, पंकज मिश्र, सुनील पाण्डेय, आलोक पाण्डेय, अतुल पाण्डेय, बंटी दूबे, रजनीश पाठक, कैलाशनाथ शुक्ल, विमल पाण्डेय, चंदन पाण्डेय, राजू पाण्डेय, आदित्य द्विवेदी, अंशू, शुभम पाठक, अनिल दूबे, लक्ष्मण पाण्डेय, लालधर पाण्डेय सहित समाजवादी पार्टी के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रिपोर्ट रिजवान खान