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17 Apr 2026, Fri

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जयंती: प्रथम राष्ट्रपति के योगदान को याद किया गया

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जयंती

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जयंती

बस्ती में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जयंती के अवसर पर बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति एवं कबीर साहित्य सेवा संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम प्रकाश शर्मा और सामईन फारूकी ने किया।

युवा पीढ़ी को लेनी चाहिए प्रेरणा – डॉ. वी.के. वर्मा

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद वरिष्ठ चिकित्सक एवं साहित्यकार डॉ. वी.के. वर्मा ने कहा कि देश को आजाद कराने से लेकर नव निर्माण तक, हर चरण में राजेन्द्र बाबू का योगदान अतुलनीय रहा। संविधान निर्माण से लेकर प्रथम राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने देश को कठिन परिस्थितियों में सही दिशा दिखाई।

उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को उनके संघर्ष, त्याग, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा से प्रेरणा लेनी चाहिए।

“सादगी और विचारों का कोई दूसरा उदाहरण नहीं” – साहित्यकार

वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ ने कहा कि बिहार की माटी से निकले राजेन्द्र बाबू को महात्मा गांधी ने सदैव सम्मान दिया। उनके विचार, व्यवहार और सरल जीवन शैली का दूसरा उदाहरण इतिहास में ढूँढना मुश्किल है। साहित्य से उनका गहरा लगाव था और वे सादगी के प्रतीक थे।

“विधि क्षेत्र के आदर्श थे राजेन्द्र बाबू”

कार्यक्रम में श्याम प्रकाश शर्मा ने कहा कि वे अत्यंत कुशल अधिवक्ता थे। विधि क्षेत्र से जुड़े लोग उन्हें अपना आदर्श मानते हैं और उनके कानूनी ज्ञान तथा निर्णय क्षमता से सीख लेते हैं।

कार्यक्रम में शामिल रहे अनेक गणमान्य व्यक्ति

अध्यक्षता कर रहे बटुकनाथ शुक्ल ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में त्रिभुवन प्रसाद मिश्र, संजीव पाण्डेय, सुशील सिंह ‘पथिक’, पेशकार मिश्र, सीता शरण त्रिपाठी, रविशंकर शुभम, चन्द्रमोहनलाल श्रीवास्तव, रामजीत, डॉ. वाहिद सिद्दीकी, गणेश शंकर मौर्य, दीनानाथ यादव, दीपक सिंह प्रेमी, तौव्वाब अली, डॉ. अफजल हुसैन ‘अफजल’, शाद अली शाद, रामकेवल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जयंती के इस कार्यक्रम ने उनके राष्ट्र‐निर्माण में अपार योगदान को एक बार फिर याद दिलाया।

रिजवान खान की रिपोर्ट

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