वाल्टरगंज पुलिस पाक्सो एक्ट गिरफ्तारी

वाल्टरगंज पुलिस पाक्सो एक्ट गिरफ्तारी: नाबालिग के साथ दरिंदगी करने वाला आरोपी अब सलाखों के पीछे
बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां वाल्टरगंज पुलिस पाक्सो एक्ट गिरफ्तारी के जरिए एक बड़ी सफलता हासिल की है। जनपद में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चल रहे विशेष अभियान के बीच, थाना वाल्टरगंज पुलिस ने पाक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामले में वांछित चल रहे एक अपराधी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई ने इलाके में दहशत फैलाने वाले अपराधियों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाल्टरगंज थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी के साथ हुई घटना ने पूरे समाज को शर्मसार कर दिया था। इस घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस की गिरफ्त में आए अभियुक्त का नाम राहुल पुत्र स्व. वेदराम, निवासी लखईया मऊ, थाना गुरसहायगंज, जनपद कन्नौज है। इस मामले में पुलिस ने धारा 87, 137(2), 64(2) BNS और पाक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बस्ती द्वारा त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद पुलिस टीम लगातार आरोपी की धरपकड़ में जुटी थी।
वाल्टरगंज पुलिस पाक्सो एक्ट गिरफ्तारी: कैसे चढ़ा पुलिस के हत्थे?
वाल्टरगंज पुलिस पाक्सो एक्ट गिरफ्तारी अभियान के अंतर्गत एक विशेष टीम का गठन किया गया था। मुखबिर की सटीक सूचना पर उ0नि0 ओमप्रकाश यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मनौरी पुल के नीचे चौराहे के पास घेराबंदी की। जैसे ही आरोपी वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे दबोच लिया। यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, क्योंकि आरोपी अपनी पहचान छुपाकर इलाके में छिपने की फिराक में था।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे संबंधित माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस मुस्तैदी से आम जनमानस में सुरक्षा का भाव बढ़ा है।
अपराधियों के लिए सख्त संदेश
बस्ती पुलिस का यह रुख साफ करता है कि महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। वाल्टरगंज पुलिस की यह कार्रवाई यह भी दर्शाती है कि जिले में अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस कितनी सक्रिय है। वाल्टरगंज पुलिस पाक्सो एक्ट गिरफ्तारी के इस मामले में पुलिस ने साक्ष्यों को जुटाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी है, ताकि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
अक्सर देखा जाता है कि ऐसे मामलों में आरोपी फरार होने की कोशिश करते हैं, लेकिन तकनीक और मानवीय सूचना तंत्र के मेल ने वाल्टरगंज पुलिस को बड़ी सफलता दिलाई है। क्या आपको लगता है कि ऐसे मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं।
पुलिस टीम का सराहनीय कार्य
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उ0नि0 ओमप्रकाश यादव, हे0का0 अंगद कुमार गुप्ता और रि0का0 मो0 शहबाज शामिल थे। इन तीनों पुलिसकर्मियों ने अपनी ड्यूटी का बखूबी निर्वहन करते हुए वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर कानून की मर्यादा को कायम रखा है। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम की इस तत्परता की सराहना की है।
वाल्टरगंज पुलिस पाक्सो एक्ट गिरफ्तारी की यह घटना उन सभी लोगों के लिए एक सबक है जो कानून की नजर से बचना चाहते हैं। बस्ती पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी इसी तरह से अपराधियों के खिलाफ कठोर अभियान जारी रहेगा।
समाज में बढ़ते अपराधों के बीच वाल्टरगंज पुलिस पाक्सो एक्ट गिरफ्तारी जैसे कदम एक सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। हम सभी का कर्तव्य है कि हम अपने आसपास हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और पुलिस का सहयोग करें।
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परमानंद मिश्रा की रिपोर्ट