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17 Apr 2026, Fri

विधानसभा में सपा विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने उठाए शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क से जुड़े ज्वलंत सवाल

By Aijaz Alam Khan

बस्ती। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन समाजवादी पार्टी के विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने सदन में शिक्षा, गरीबों के इलाज और सड़कों की स्थिति को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने इन मुद्दों को आमजन से सीधे जुड़े हुए बताते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
सपा विधायक ने शिक्षा से संबंधित प्रश्न के माध्यम से सरकार से पूछा कि क्या विकास खंड स्तर पर राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज खोले जाने पर विचार किया जा रहा है और इसके लिए क्या नियम व मानक तय हैं। उन्होंने सदन में कहा कि उनके प्रश्न के उत्तर में शिक्षा मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि इंटरमीडिएट कॉलेज खोलने का कोई निर्धारित नियम नहीं है। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि शिक्षा नागरिकों का मौलिक अधिकार है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी सरकार शिक्षा का बाजारीकरण कर रही है और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की उसकी कोई ठोस मंशा नहीं दिखती।


विधायक के सवालों का जवाब देते हुए माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने सदन को बताया कि जिन क्षेत्रों में 7 से 10 किलोमीटर के दायरे में इंटरमीडिएट कॉलेज उपलब्ध नहीं हैं, वहां हाईस्कूलों का उच्चीकरण कर इंटरमीडिएट शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में इंटरमीडिएट स्तर की शिक्षा सुचारू रूप से उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके बाद विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने एक अतारांकित प्रश्न के माध्यम से मुख्यमंत्री से गरीबों के इलाज का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि गंभीर बीमारी के उपचार के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से केवल 50 प्रतिशत धनराशि का व्यय आकलन किया जाता है, ऐसे में क्या इससे गरीबों का पूरा इलाज संभव हो पा रहा है। मुख्यमंत्री की ओर से लिखित उत्तर में बताया गया कि तात्कालिकता और औचित्य के आधार पर निर्धन व्यक्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है और मौजूदा प्रक्रिया में किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है।
विधायक ने एक अन्य अतारांकित प्रश्न के जरिए वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 2 सितंबर 2025 तक सड़कों के निर्माण को लेकर जानकारी मांगी। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए लिखित उत्तर में बताया गया कि इस अवधि में किसी नए मार्ग का निर्माण नहीं कराया गया है। हालांकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-3 के तहत पूर्व निर्मित क्षतिग्रस्त मार्गों का उच्चीकरण और चौड़ीकरण कराया गया है। साथ ही सदन को अवगत कराया गया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ग्राम सड़क योजना-4 प्रारंभ की गई है, जिसके तहत पात्र बसावटों को सिंगल कनेक्टिविटी के माध्यम से सर्वऋतु संपर्क मार्गों से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सत्र के दौरान विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने जनहित से जुड़े इन मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाकर सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए, जिससे सदन में चर्चा का माहौल बना रहा।