बस्ती, 14 जुलाई –विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने सोमवार को बस्ती के गांधी नगर स्थित होटल महारानी में आयोजित प्रेस वार्ता में निषाद समाज के आरक्षण मुद्दे को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि निषाद समाज के संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और समाज को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद समाज को यह पहचानना होगा कि उसका वास्तविक संघर्ष उस सरकार से है जिसने वर्षों से आरक्षण के मुद्दे पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज तक निषाद समाज को आरक्षण नहीं दिया गया, जबकि समाज लंबे समय से इसकी मांग करता आ रहा है।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगले महीने से पूरे उत्तर प्रदेश में ‘निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा’ निकाली जाएगी। इस यात्रा के दौरान गांव-गांव, कस्बों और शहरों में जाकर गंगाजल हाथ में लेकर लोगों से संकल्प दिलाया जाएगा कि “आरक्षण नहीं तो वोट नहीं।”
उन्होंने कहा कि यदि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले निषाद समाज को आरक्षण मिल जाता है तो समाज उसका समर्थन करेगा, लेकिन यदि आरक्षण नहीं मिला तो लोकतांत्रिक तरीके से मतदान कर अपना जनादेश देगा।

मुकेश सहनी ने दावा किया कि आज निषाद समाज बड़ी संख्या में विकासशील इंसान पार्टी के साथ खड़ा है और अपने अधिकारों को लेकर पहले से अधिक जागरूक हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब समाज अपने भविष्य का फैसला स्वयं करेगा।

प्रेस वार्ता में उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री डॉ. संजय निषाद को खुली चुनौती देते हुए निषाद समाज के अधिकार, आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी के मुद्दे पर सार्वजनिक लाइव डिबेट का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि यदि डॉ. संजय निषाद वास्तव में समाज के हितैषी हैं तो भाजपा छोड़कर ‘इंडिया’ गठबंधन में आएं। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं राहुल गांधी, अखिलेश यादव और गठबंधन के अन्य नेताओं से बात कर उन्हें सम्मानजनक राजनीतिक भागीदारी दिलाने का प्रयास करेंगे।
मुकेश सहनी ने दोहराया कि निषाद समाज का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक समाज को उसका संवैधानिक और न्यायोचित अधिकार नहीं मिल जाता।
इस अवसर पर कार्यक्रम प्रभारी जसपाल निषाद, इंजीनियर राजबहादुर निषाद, पंकज निषाद सहित पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सामाजिक नेता और बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्ट रिजवान खान